Tuesday, January 27, 2009

Subah utho
Brush karo
Fir naha kar nasta karo
Fir mera foto lekar uske samane dono haath jodkar gao
Tuz me rab dikhata hai yaara me kya karu.
Johnny-Johnny poem in Rajesthani Language.
"Jaggiya-Jaggiya"
"Haan bapu"
"jardo khayo"
"na bapu"
"Jhoonth bole"
"na bapu"
"mundo khol"
"AAAAAAAA THUUUUUU"
कहना तो बहुत कुछ चाहते है उनसे पर इस दिल ने कभी साथ न दिया,
कभी वक़्त की खामोशी में खामोश रहे तो कभी उनकी खामोशी ने कुछ कहने ना दिया....
ग्राहक: यह बकरा कितने का है?
वेपारी: ५०० रु.
ग्राहक: इतना सस्ता.
वेपारी: चाइना का है. कोई गारंटी नहीं, हो सकता है कल से भोकना सुरु कर दे.
एक पागल दुसरे पागल से: यार Light चली गयी.
दूसरा पागल: तो Fan चला दो.
पहेला पागल: पागल है क्या? मोमबत्ती बुज नहीं जायेगी.






बंध आँखों में बस सपने होते है,
दुनिया में बहुत कम लोग बस अपने होते है.
अपने ही जब भूल जाते है तो लगता है,
सपने तो बस सपने होते है.
I HATE U.
रोती हुई आँखों से उसे मुस्कान कैसे दू,
अंजन हूँ खुद में उसे पहचान कैसे दू.
सिर्फ वो ही तो है जान मेरी,
कोई तो बताये उसे अपनी जान कैसे दू.